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डायरी के अल्फाज़

डायरी के अल्फ़ाज़ बोलते है कभी मुझसे कितनी गहराई है तेरे लफ़्ज़ों में, कितनी सच्चाई है तेरे शब्दो मे।

हमने कहा एक तू ही है जिस में सारे अरमान लिख देता हूं। तू समझ जाती हैं और में खुद को समझा लेता हूं।

बाकी कहा किसी को किसी की परवाह ज़िन्दगी में, बस ज़िन्दगी ज़ी रहे है अपनी अपनी खुदगर्जी में।


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फिलहाल तो यू है।

फ़िलहाल तो यू है। कोरोना का संकट है। घर मे बैठे है। कुछ दीवारों से कुछ अपनो से बातें कर रहे है। कब खत्म होगा ये रोग ख़ुद से सवाल कर रहे है। हार ना मानने की बात कर रहे है। जीत जाने की आश कर रहे है। बहार जरूरत पर मास्क पहन कर निकल रहे है। सोशल डिस्टेंसिनग का ख्याल रख रहे है। घर मे आकर खुद को सेनिटाइजर कर रहे है। लोग खुद से दुसरो की मदद कर रहे है। लोग कहा कहा, किस किस मुसीबत से सफर कर रहे है। फिर भी लोग कोरोना के संकट से लड़ रहे है। हम अपना ही नही उनका भी ख्याल कर रहे है। जो दिन रात इस संकट से लड़ रहे है। ओर देश को बचाने की कोशिश कर रहे है। फिलहाल तो यू है। हम कोरोना से लड़ रहे है।

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गुजारिश न कर सको तो सिफारिश ही करा लो मगर टूटे हुये रिश्तों को जोड़ कर फिर से निभा लो

HINDI QUOTES

वो ऐसा हो कि जैसा भी हो मेरा हो वास्ता मेरे वक़्त से नही मुझसे रखता हो वक़्त का क्या बदलना तो उसकी फ़ितरत है मेरे हाल पर जितना मेरा उतना वो भी हक रखता हो। TQP