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माँ

में जब भी सोचता हूं माँ के बारे में
तो एक बड़ी यादों के सफर का मंज़र होता है,
माँ की ममता, माँ का त्याग, माँ का स्नेह,
माँ का प्यार जैसे शब्दों का नाम होता है,
माँ तू ख़ुद से नही मुझसे नही तू सारे
ज़हान में सबसे निराली है,
माँ तुझे शब्दों से कैसे बया कर दू,
तू ही तो मुझे शब्दों का मतलब सिखाने वाली है।

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