जब किसी इंसान को कुछ महसूस न हो अच्छा बुरा किसी बात पर रिएक्ट न करे हसने पर हँसे न रोने पर रोये न दर्द प्यार हमदर्दी कुछ भी जब एहसास न हो तो वह इंसान सिर्फ़ एक चमड़े की खाल से लिपटा हुआ खाली खोखा है जिसमें कुछ भी भर दो कोई फर्क नही पड़ सकता। वो शरीर की आत्मा और जिस्म का महत्व कभी नही समझ सकता।
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